मच्छ मणि की पहचान, मच्छ मणि कैसे धारण करें, मच्छ मणि के फायदे, मच्छ मणि का मूल्य, मच्छ मणि लॉकेट, मच्छ मणि रत्न, राहू को करे शांत, व्यापार और नौकरी में दिलाए तरक्की, धन प्राप्ति में करे मदद, कर्ज और आर्थिक तंगी को करे दूर, विदेश यात्रा का योग हो पूरा,

100% ओरिजनल अत्यंत दुर्लभ मच्छमणि पेंडेंट, Machh Mani Locket

मच्छ मणि क्या है
मच्छ मणि के फायदे और नुकसान 
मच्छमणि कैसे पहने?
मच्छमणि कौन पहन सकता है ?
पूरी जानकारी 

मच्छ मणि कोई साधारण रत्न नहीं है बल्कि यह बहुत ही दुर्लभ मणि है। इसे पहनने वाले व्यक्ति को जीवन के हर प्रकार के तनाव से मुक्ति मिलती है और उसका जीवन खुशहाल बनता है। यह राहु ग्रह बाधा निवारण के लिए अचूक उपाय है। मछलियों के अंदर कई रंग के पत्थर बनते हैं जो बेशुमार धन और देवताओं का आशीर्वाद देते हैं।

 

ये दुर्लभ वस्तु बहुत ही कम लोगों को इसके बारे में जानकारी होती है परंतु जिसके पास ये आ जाती है उसका भाग्य खुल जाता है उसकी सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं । कहते हैं कि । ये वस्तु कलियुग में रामबाण है । कम मिलने की वजह से ज्यादा इसका परिचालन नहीं होता लेकिन में हमारे पुराने शास्त्रों में इसका वर्णन मिलता है । 

machmani, machmanistone, मच्छ मणि (MACHMANI STONE) स्टोन के फायदे व धारण विधि, मच्छ मणि (MACHMANI STONE) स्टोन कैसे धारण करें ?, Mach Mani Ke Labh, मच्छ मणि (MACHMANI STONE) स्टोन से जुड़ी कथा, Makardhawaj Ratan Mach Mani Original Mach Mani Stone manufacturer & oem manufacturer, gemstone, precious gemstones, precious stones and gemstones,

अगर आपके पास धन का अभाव हो बिजनेस में आपकी ग्रोथ न हो रही हो । आपके बच्चे पर बार बार बुरी नजर पड़ रही हो या आप घर में परेशानियों से घिरे हों वास्तु दोष हो और सबसे बड़ा अगर आप पर राहु की महादशा चल रही हो तो आप इसे धारण करते ही चमत्कारी रूप से इसका परिणाम शुभ दिखेंगे ।

 

राहू, केतु अथवा शनि ग्रह की पीड़ा को शांत करने के लिए या राहू, केतु अथवा शनि ग्रह की महादशा या अन्तर्दशा चल रही हैं, या आप शनि के साढ़ेसाती अथवा ढैया से प्रभावित है तो मच्छ मणि को धारण करना लाभदायक होता हैं।

 

इसे धारण करने वाला व्यक्ति सभी प्रकार के कामकाज तनाव से बाहर आकर एक खुशहाल जीवन व्यतीत करता है।

 

जो व्यक्ति राजनीति अथवा व्ययसाय में पूर्ण रूप से सक्रिय है और सफल होने की इच्छा रखते है, उन्हें मच्छमणि जरुर धारण करना चाहिए।

 

आप भी ऐश्वर्यपूर्ण जीवन जीने के सपने देखते है परन्तु धन की कमी के कारण सभी सपने साकार होने से पहले ही मुरझा जाते है तो मच्छमणि आपको अवश्य धारण करना चाहिए।

 

यदि किसी जातक की कुंडली में कालसर्प दोष है, कालसर्प दोष के कारण जीवन में आए दिन नई नई मुसीबतें आ रही है, मानसिक शारीरिक तथा आर्थिक कष्ट बढ़ रहे है तो मच्छमणि रत्न अवश्य धारण करना चाहिए,

 

इस रत्न के प्रभाव से कालसर्प दोष के कारण उत्पन्न होने वाले कष्टों का निवारण बहुत जल्दी हो जाता है।

 

राहु ग्रह बाधा निवारण के लिए यह अचूक मणि है। हार गए है या थक गए है तो एक बार मणि को जरूर धारण करें, आपके लफ्ज न बदल जाये तो बताना।

 

राहु कि महादशा/आंतर दशा चल रही हौं तो रात को एक कटोरे में मणि रख कर ऊस पर समुद्री नमक से भरें सुबह मणि को कच्चे दुध एवं गंगा जल से धो कर कलाई पर बांध लें।

 

कुंडली मे राहु गृह जन्मपत्री मे राहु गृह गोचर या दशा मे पीड़ित होने पर व्यक्ति की मतिभ्रम, छल-कपट, झूठ बोलना, चोरी, तामसिक भोजन, ज्यादा नशा करना, षड्यंत्र, छिपे शत्रु, अनैतिक कर्म, आलस्य, नकारात्मक सोच व टोने टोटका, तंत्र मंत्र से पीड़ित होता है। ऐसे व्यक्ति को मच्छ मणि हाथो या गले मे मंत्र जाप कर धारण करनी चाहिए।

 

काला जादू (ब्लैक मेजिक) जन्मपत्री में अशुभ योग, नजर दोष, व्यापार में रूकावट ईत्यादि के लिए रात को गंगा जल में रखे, सुबह को कच्चा दूध, शहद, घी और दही के मिश्रण में रखें, गंगाजल से धोकर हनुमानजी के चरणों का सिंदुर से मस्तिष्क पर तिलक करें एवं ऊ हनुमंते नम: का 108 बार मंत्र जाप करें एवं धारण करें।

 

वास्तु दोष निवारण के लिए रात को कच्चे दूध में डुबो कर रखें,सुबह गंगा जल से धोकर शिवलिंग पर रखकर दुध एवं जल का अभिषेक करें, घर के मुख्य द्वार पर टांग दे।

 

जब भी हमे या बच्चो को घर के किसी कमरे या कोने मे अनजान वस्तु / छाया का अहसास हो, तो वहां पर कांच के बर्तन मे दो मच्छ मणि पानी मे रखने से नरात्मक ऊर्जा दूर होकर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह कुछ ही मिनटों मे हो जाएगा।

 

किडनी रोग, पेट रोग, निराशा, राहु गृह के शुभ प्रभाव बढ़ाने के लिए, काल सर्प दोष, केमद्रुम दोष, ग्रहण दोष, गुरु चांडाल दोष, नकरात्मकता, जिद्दीपन, शरीर मे थकावट, नजर दोष, ऊपरी बाधा व व्यापार बंधन के लिए मच्छ मणि को साबुत नमक के पानी मे भिगो कर राहु मंत्र (ॐ रां राहवे नमः) से 108 बार अभिमंत्रित कर धारण करना चाहिए।

 

मणि किसी भी जीव मे ऑक्सलेट, कैल्शियम आदि तत्वों क़ी प्रकिया से बनती है। जैसे सर्प के मस्तक मे सर्प मणि, हाथी के मस्तक मे गज मणि, इंसान के शरीर मे स्टोन व मछली के मस्तक मे मच्छ मणि। मच्छ मणि का प्रभाव कुछ ही सेकंडो मे औरा स्कैनर से मापा जाता है।

 

मछली राहु गृह कारक व कुछ मछली के मस्तक मे मच्छ मणि होती है। जिसे वह अपने मरने से कुछ देर पहिले उगल देती है।

 

मच्छमणि कोई साधारण रत्न नहीं है बल्कि यह बहुत ही दुर्लभ मणि है। इसे पहनने वाले व्यक्ति को जीवन के हर प्रकार के तनाव से मुक्ति मिलती है और उसका जीवन खुशहाल बनता है।

 

मच्छमणि एक दुर्लभ मणि है। राहू ग्रह की पीड़ा को शांत करने के लिए इस मणि से बेहतर और कोई मणि नहीं हैं। यह एक प्राचीन मणि होने के साथ-साथ बहुत ही दुर्लभ मणि हैं।

 

यह धारणकर्ता को सभी प्रकार के तनावों से मुक्त कर एक सुखी जीवन व्यतीत करने की प्रेरणा देता हैं। इसे धारण करने के बाद राहू ग्रह की पीड़ा शांत होती हैं। इस मणि के बारें में लोगों को अधिक जानकारी न होने के कारण यह अधिक प्रचलन में नहीं आ सका।

 

कलयुग में व्यक्ति का जीवन भगा दौडी वाला हो गया हैं, अच्छा जीवनयापन सभी चाहते हैं परन्तु हालात सभी के लिए एक जैसे नहीं रहते, जीवन में कई बार धन-संपत्ति, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि में दिक्कते आती हैं, ऐसे में अपनी इच्छाओं की पूर्ति और उत्तम स्वास्थ्य के लिए तंत्रएस्ट्रो.कॉम आपके लिए लेकर आये हैं 100% ओरिजनल मच्छमणि। अगर जीवन से हताश या निराश हैं तो, इस मणि को जरुर धारण करें |

 

मच्छ मणि से जुड़ी पौराणिक कथा – Machh Mani ke labh

 

रामायण में हनुमान जी के एक पुत्र मकरध्वज की कथा का वर्णन है। मकरध्वज एक मछली के गर्भ से पैदा हुआ था जो न केवल एक मछली थी बल्कि वह एक मां भी थी। इस मछली ने अपने बेटे मकरध्वज की रक्षा के लिए अपने सिर से पत्थर निकाला और उसे अपने पुत्र को सौंप दिया।

 

किवदंती है कि मकरध्वज का जन्म राहु काल में हुआ था। मछलियों के सिर के पत्थर का उपयोग कलियुग में राहु के बुरे प्रभावों और लोगों को रोगों से बचाने के लिए किया जाता है।

 

माछ मणि कोई साधारण रत्न नहीं है बल्कि यह बहुत ही दुर्लभ मणि है। इसे पहनने वाले व्यक्ति को जीवन के हर प्रकार के तनाव से मुक्ति मिलती है और उसका जीवन खुशहाल बनता है।

 

यह राहु ग्रह बाधा निवारण के लिए अचूक उपाय है। मछलियों के अंदर कई रंग के पत्थर बनते हैं जो बेशुमार धन और देवताओं का आशीर्वाद देते हैं। मच्छ मणि मछली की आंख की तरह है। इस मणि के प्रभाव से काला जादू बेअसर होता है और धन में वृद्धि होती है एवं स्वास्थ्य बेहतर होता है।

 

इस मणि को धारण करने से आपके जीवन में प्यार और सम्मान आएगा। मोती एक आंतरिक प्रकाश, आध्यात्मिक प्रभाव और स्मरण शक्ति के साथ आपके जीवन को प्रकाशमान करता है।

 

भगवान विष्णु ने भी मत्स्य यानि मछली का अवतार लिया था और इस कारण से भी मछली से संबंधित वस्तुओं को बहुत शुभ माना गया है। यह मणि सौभाग्य, व्यापार में वृद्धि, सामाजिक प्रतिष्ठा, व्यक्तित्व में सुधार, आकर्षण, अंतर्ज्ञान, यौन शक्ति में वृद्धि और ईर्ष्या को दूर करता है।

 

मच्छ मणि के फायदे – Machh Mani Benefits

 

आदर्श रूप से इस लॉकेट में मौजूद मणि भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार की याद दिलाता है, साथ ही सांसारिक भविष्यवाणी भी करता है।

 

गरुड़ पुराण में कहा गया है, ” मछली के सिर पर पाया जाने वाला मोती बहुत शुभ और लाभकारी होता है। यह माछ मणि एक अत्यधिक कीमती खजाना है और इसे संरक्षण, अच्छे स्वास्थ्य, धन और खुशी के लिए घर में संरक्षित किया जाना चाहिए।

 

महत्वाकांक्षा की प्राप्ति, गंभीर बीमारी से उबरना, सफल रोमांस, खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना करने वाले लोग इस मणि को धारण करते हैं। इस मणि में कई किलोमीटर तक अंतरिक्ष को शुद्ध करने की शक्ति है।

 

वास्तव में मनुष्य जाति के लिए यह एक महान आशीर्वाद है। इस मणि को अपने घर में रखने से आपको हर जगह से पैसा, भाग्य का साथ और ईश्वर का आशीर्वाद मिलेगा।

 

सभी कार्यों और इच्छाओं की पूर्ति के लिए इस मणि को आशीर्वाद के रूप में पहन सकते हैं। इसके प्रभाव से आपकी इच्छाएं और सपने सच होंगे। यह एक सच्चा मनोगत खजाना है जिसमें जन्मजात दिव्य अलौकिक शक्तियां समाहित हैं।

 

जैसा कि आप सभी ने बाल्मीकि रामायण 621 में पढ़ा या सुना होगा कि जब भगवान हनुमान ने लंका को जला दिया था और बाहर आ गए थे और समुद्र के ऊपर उड़ रहे थे, उस समय उनके शरीर का तापमान बहुत गर्म था। इस वजह से उनके शरीर से बहुत पसीना शुरू लगा। इस पसीने के पसीने की बूंद समुद्र में तैर रही एक मछली के मुंह गिर गई।

 

पसीने की इस बूंद से मछली गर्भवती हो गई और उसने भगवान हनुमान जी के पुत्र मकरध्वज को जन्म दिया। इस मछली को अहिरावण ने पाताल लोक ले गया था और इसे काटने लगा। तब मकारध्वज नामक एक बंदर उस मछली के गर्भ से पैदा हुआ था। उसके हाथ में एक रत्न था। अहिरावण ने मकरध्वज से पूछा कि उसने एक मछली के गर्भ से कैसे जन्म लिया है और उनके हाथ में यह पत्थर क्या है।

 

तब मकरध्वज ने उसे बताया कि यह पत्थर मेरी मां के सिर से निकला है। अहिरावण को मछली को मारने का दुख हुआ और उन्होंने मकरध्वज को अपना मंत्री बना लिया। बाद में अहिरावण ने अपने भाई रावण के अनुरोध पर पाताल लोक में निडर के दौरान ही भगवान राम और उनके भाई लक्ष्मण का अपहरण कर लिया।

 

जब हनुमान जी भगवान राम को मुक्त करने के लिए वहां पहुंचे तो उन्हें मकरध्वज से युद्ध करना पड़ा। मधुध्वज युद्ध हार गया और फिर उसने भगवान हनुमान जी को अपना परिचय दिया। हनुमान जी ने मकरध्वज को गले लगाया और फिर उसे रस्सी से बांध दिया।

 

हनुमान जी ने अहिरावण और उसके भाई महिरावण का वध किया और भगवान राम और लक्ष्मण को मुक्त किया। तब वह भगवान राम को मकरध्वज से मिलवाने लाए। भगवान राम ने मकरध्वज को आशीर्वाद दिया और उन्हें पाताल लोक का राजा बनाया और उन्हें बताया कि उनके पास जो पत्थर है वह दुर्लभ मछलियों के सिर से निकलेगा।

 

जिस व्यक्ति के पास मच्छ मणि होता है वह खुशहाल जीवन बिताता है। यह राहु ग्रह बाधा निवारण के लिए अचूक रत्न है।

 

मच्छ मणि के लाभ – Machh mani stone benefits in Hindi

 

राहू के प्रकोप की वजह से व्यक्ति को धोखा मिलता है और उसे बस नुकसान होता रहता है। जिस व्यक्ति की राहू की महादशा और अंतर्दशा चल रही है उसे रात के समय मच्छ मणि (machh mani ke fayde) का एक उपाय करने से लाभ मिल सकता है।

 

रात को एक कटोरा लें और उसमें समुद्री नमक डालकर रख दें। सुबह होने पर मणि को कच्चे दूध या गंगाजल से साफ कर के लाल धागे में अपनी कलाई पर बांध लें या गले में पहन लें।

 

राहू से पीड़ित होने पर व्यक्ति छल कपट में फंस जाता है और झूठ बोलने लगता है। मच्छ मणि राहू को शांत कर जातक को ऐसे बुरे प्रभावों से बचाता है।

 

च्छ मणि पहनने से क्या होता है – Machh mani dharan karne se kya hota hai in Hindi

 

जादू-टोना, बुरी नजर और प्रेत बाधा से भी मच्छ मणि रक्षा करता है।

 

यदि आपके व्यापार में लगातार घाटा हो रहा है तो मच्छ मणि आपको आर्थिक नुकसान से बचा सकता है।

 

घर या ऑफिस में वास्तु दोष के निवारण के लिए मच्छ मणि पहन सकते हैं।

 

हमेशा बीमार रहते हैं या आपको किडनी या पेट से संबंधित कोई रोग है तो मच्छ मणि जरूर पहनें।

 

कुंडली में कालसर्प दोष, केमद्रुम दोष, ग्रहण दोष, गुरु चांडाल दोष की वजह से व्यक्ति को अपने जीवन में कष्टों का सामना करना पड़ता है। यह मच्छ मणि आपके कष्टों को दूर कर सकता है।

 

मच्छ मणि कैसे पहनें – Machh mani dharan vidhi in Hindi

 

शनिवार के दिन राहू के इस चमत्कारिक मणि को पहनना चाहिए। शनिवार की सुबह स्नान के बाद घर के पूजन स्थल में पूर्व दिशा की ओर मुंह कर के बैठ जाएं।

 

अब मच्छ मणि को एक साफ पात्र में गंगाजल या कच्चे दूध में डुबोकर रखें। 108 बार ॐ रां राहवे नमः का जाप करें। इसके बाद मच्छ मणि को साफ कर धारण कर लें।

 

मच्छ मणि स्टोन प्राइस – Buy Original Machh Mani Online

अगर आप प्रमाणित और उच्‍च क्‍वालिटी का मच्छ मणि (मच्छ मणि स्टोन प्राइस) लेना चाहते हैं तो INDIA ASTROLOGY FOUNDATION से प्राप्त कर सकते हैं। आपको आपके नाम, राशि तथा नक्षत्र के आधार पर मच्छ मणि सिद्ध, प्राण प्रतिष्ठित अभिमंत्रित कर के दिया जाएगा।

 

आप इस रत्‍न को ऑनलाइन (machh mani stone buy online) भी ऑर्डर कर सकते हैं।

 

अभी आर्डर करने के लिए यहाँ लिंक पर क्लिक करें

https://imjo.in/SXCvsk

 

मच्छ मणि रत्‍न प्राप्‍त करने के लिए इस नंबर पर संपर्क करें –7620314972

 

NOTE: यह मच्छ मणि हमारे पास सिमित मात्रा में उपलब्ध है | आप चाहे तो आर्डर देकर मँगवा सकते है | आर्डर देने के लिए अथवा अधिक जानकारी के लिए आप हमें निसंकोच 7620314972 पर कॉल कर सकते है| अथवा यहाँ दिए QR Code  को स्कैन करके पेमेंट कर सकते है तथा स्क्रीनशॉट हमें 7620314972 पर व्हाट्सप्प करे |

machh mani, Machhmani Kya Hoti h.मच्छ मणि क्या होती है?,मच्छ मणि को कैसे और किस दिन धारण करें, मच्छ मणि के चमत्कारी फायदे ?, मच्छ मणी इस राशि के लिए जरूरी,Machhmani Kaise kare Dharan, Machhmani kis din kare dharan, Machhmani ke chamatkari fayade,Machhmani koun si rashi k liy sahi

यह अत्यंत दुर्लभ मच्छमणि  विशेष प्रकार की मछली से प्राप्त होती है जो कि बहुत दुर्लभ है परंतु आजकल साधारण मछलियों से जो मणि निकलती है उसे भी machhmani कह करके बेचा जा रहा है तो मित्रो नकल से सावधान रहें असली machhmani लेने के लिए आप नीचे दिए हुए फोन नंबर पर संपर्क करें और ओरिजिनल machhmani अभिमंत्रित की हुई एक्टिवेट की हुई हमसे प्राप्त करें. Call or Whatsapp at 7620314972

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *